रुड़की। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टोडा) ने मंगलवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने ऊर्जा निगम कार्यालय से तहसील तक पैदल मार्च निकाला और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद आठ सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन एएसडीएम को सौंपते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। संगठन ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप लगाए। साथ ही संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों और किसान यूनियन की बैठक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराने की मांग की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन टोडा ने कहा कि किसान और आम आदमी लंबे समय से विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। चकबंदी विभाग पर छोटे किसानों को परेशान करने और मनमाने तरीके से प्रक्रिया पूरी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने इसमें सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराया जाए। बिजली विभाग द्वारा छोटे बकाया बिलों को लेकर किसानों को परेशान करने और गांवों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का भी विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन यदि अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई तो संगठन आंदोलन तेज करेगा।
प्रदेश अध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि किसानों को अपनी ही जमीन की दाखिल-खारिज कराने के लिए लंबी प्रक्रिया और भागदौड़ से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने लेखपालों पर दाखिल-खारिज तथा आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर परेशान करने और धन मांगने के आरोप लगाते हुए व्यवस्था को सरल बनाने की मांग की। उन्होंने एआरटीओ विभाग में छोटे-छोटे चालान और अवैध वसूली बंद करने तथा खाद्य आपूर्ति विभाग में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सुगम करने की मांग की।
ज्ञापन में गांव-देहात और जंगल क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने, चीनी मिलों से किसानों का बकाया भुगतान दिलाने, स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने समेत आठ मांगें उठाई गईं। संगठन ने मांग की कि सभी संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों को बुलाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बैठक कराई जाए, ताकि समस्याओं का मौके पर समाधान हो सके। चेतावनी दी गई कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो तहसील रुड़की के बाहर हरिद्वार रोड पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।






