रुड़की।
उधम सिंह नगर के काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह की संदिग्ध मौत का मामला अब बड़े जनांदोलन में तब्दील हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (रोड़) के आह्वान पर सोमवार को सैकड़ों किसानों ने रुड़की तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन पर भू-माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पदम सिंह रोड़ ने कहा कि ग्राम पैगा (काशीपुर) निवासी सुखवंत सिंह की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था द्वारा की गई सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कई सफेदपोश भू-माफियाओं और पुलिस अधिकारियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं, जिन्होंने किसान की जीवनभर की कमाई हड़प ली।
प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुशवाह ने कहा कि सुसाइड नोट जैसे ठोस साक्ष्य सामने होने के बावजूद अब तक प्रभावशाली आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि भू-माफिया पुलिस संरक्षण में फल-फूल रहे हैं और अन्नदाता किसान को अपनी जान देने पर मजबूर किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि—
मामले की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपी जाए।
सुसाइड नोट में नामजद सभी भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
मृतक किसान के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे उत्तराखंड में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में पार्षद कुलबीर सिंह, अमित मोहन, मेवा राम, शहजाद अली, घनश्याम, संजीत कुशवाह सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।









