हल्द्वानी में चल रहे विकास कार्यों के बीच लगातार हो रहे सड़क हादसों ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कथित रूप से कमर्शियल उपयोग और भारी वाहनों की शहर में बेरोकटोक आवाजाही को लेकर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी क्रम में हाल ही में एक दर्दनाक हादसे में ट्रक के नीचे आने से एक वैज्ञानिक की मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर में आक्रोश का माहौल है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क सुरक्षा और अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है, ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है और भारी वाहनों की एंट्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित हृदयेश ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण एक होनहार वैज्ञानिक की जान गई है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का कमर्शियल उपयोग नियमों के खिलाफ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। विधायक ने मांग की कि शहर में भारी वाहनों की एंट्री के लिए सख्त समय सीमा तय की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है













