रुड़की की भगवानपुर तहसील के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के बंदरजूड गांव में दानिश नाम के एक व्यक्ति के द्वारा अपनी पत्नी शाहीन को तीन तलाक देकर घर से बाहर निकालने का मामला सामने आया है। विवाहिता का आरोप है के पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए उसे परेशान और मारपीट करते थे। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर विवाहिता के पति पर तीन तलाक और पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता फिलहाल अपने मायके में रह रही है। पीड़िता का परिवार अब उत्तराखंड सरकार के UCC कानून और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ कर रहा है।
बता दे की बंदरजूड गांव निवासी शाहीन नाम की एक युवती की शादी करीब ढाई साल पहले बंदरजूड गांव निवासी दानिश नाम के एक युवक से हुई थी। विवाहिता का आरोप है की शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग और पति दहेज के लिए उसके साथ मारपीट करते थे। जिसके बाद पति के द्वारा कुछ दिन पहले विवाहिता शाहीन को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया है। जिसके बाद से ही विवाहिता अपने मायके में रह रही है। जिसके बाद पीड़ित विवाहिता के द्वारा पुलिस को तहरीर देखकर पति पर तीन तलाक और पति सहित ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति तीन तलाक और पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज़ एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के द्वारा तीन तलाक और दहेज एक्ट का मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद पीड़ित विवाहिता का परिवार अब उत्तराखंड की सरकार के UCC कानून और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ कर रहा है। पीड़ित शाहीन के भाई सलमान का कहना है कि सरकार के द्वारा बहुत अच्छा कानून बनाया गया है। अब कोई भी किसी की बच्ची को तलाक देकर नहीं छोड़ सकता है। UCC कानून के बाद कोई दूसरी शादी भी नहीं कर सकता है। पुलिस का कहना है कि अगर शाहीन के पति दानिश के द्वारा दूसरा विवाह किया गया तो उसे पर UCC कानून के तहत भी कानूनी कार्यवाही की जायेगी













