खाईखेड़ी गांव के गैंगस्टर विनय त्यागी उर्फ टिंकू पर यूपी और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में 57 मुकदमे दर्ज थे। आरोपी का मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और देहरादून में प्रॉपर्टी के विवादित मामलों में दखल था। सियासत के मैदान में उतरने की ख्वाहिश रही। पत्नी को भी दो बार पुरकाजी ब्लॉक से प्रमुख बनवाया। सहारनपुर की देवबंद सीट से खुद भी विधानसभा का चुनाव लड़ा था।
विनय त्यागी पर बीती बुधवार को उत्तराखंड के लक्सर में पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी पर ले जाने के दौरान हमला हुआ था। उसे ऋषिकेश एम्स में उपचार दिलाया जा रहा था, वहां उसकी मौत हो गई। उसके पिता मेरठ में नौकरी करते थे। वहीं पर विनय त्यागी की पढ़ाई भी हुई। अपराध की राह पकड़ी तो साल 1996 में खाईखेड़ी में प्रेम-प्रसंग को लेकर हुए विवाद के बाद संदीप उर्फ टोनी और उसके बहनोई गाजियाबाद के पिलखुआ निवासी प्रदीप की हत्या में नाम आया था। मुजफ्फरनगर में छपार, पुरकाजी, नई मंडी थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। अक्तूबर माह में देहरादून पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
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चोरी के मामले में चढ़ा पुलिस के हत्थे
देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में डॉ. प्रमोद त्यागी ने अपनी गाड़ी से गहने, रुपये और अन्य सामान चोरी होने का मुकदमा इसी साल 14 सितंबर को दर्ज कराया था। पुलिस ने 13 अक्तूबर को टिंकू और खाईखेड़ी निवासी भाकियू नेता हरिओम त्यागी को पकड़ लिया। हरिओम त्यागी को जमानत मिल चुकी है। जबकि विनय त्यागी पर अन्य मामलों में भी आरोप है, जिस कारण वह रुड़की जेल में बंद था। 30 अक्तूबर को विनय की जमानत अर्जी देहरादून में खारिज कर दी गई थी।
झूठा मुकदमा दर्ज कराने में 10 मार्च को सुनवाई
छपार थाने में विनय त्यागी पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का केस भी सात साल पहले दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने वादी को नोटिस जारी कर दिया था, जिसकी सुनवाई 10 मार्च को होगी।









