रुड़की की मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मंगलौर कस्बे में स्थित एक मदरसे और एक स्कूल पर प्रशासन के द्वारा कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही के चलते एक मदरसे और एक स्कूल को प्रशासन के द्वारा सील कर दिया गया है। यह दोनों बिना अनुमति के चल रहे थे। उत्तराखंड में 1 जुलाई से शुरू हो चुके अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में मदरसे का पंजीकरण नहीं कराया गया था। यह कार्यवाही तब की गई है जब उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक मुफ्ती के द्वारा मंच से मदरसे बंद करने को लेकर धमकी दी गई थी।
बता दे कि उत्तराखंड में 1 जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की शुरुआत हो चुकी है। अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को चलाने के लिए अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिस शिक्षण संस्थान का पंजीकरण नहीं होगा उसको अवैध मानते हुए सील कर दिया जाएगा। रुद्रपुर में बीते बुधवार को मदरसों को लेकर एक मुफ्ती के द्वारा भड़काऊ बयान दिया गया था। मुफ्ती के द्वारा मंच से कहा गया था कि अगर मदरसे बंद किए गए। तो गंभीर परिणाम भगत ने होंगे। हालांकि भड़काऊ बयान देने वाले मुफ्ती मुजीब को पुलिस के द्वारा मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
जिसके बाद प्रशासन के द्वारा मंगलौर में स्थित एक मदरसे और एक स्कूल पर कार्यवाही करते हुए उन्हें सील कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन के द्वारा मंगलौर में स्थित दो अन्य मदरसों को भी सोमवार तक अपने डॉक्यूमेंट जमा करने की चेतावनी दी गई है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी चंद्र प्रकाश रावत ने बातचीत में बताया बिना पंजीकरण के चल रहे मदरसों को चिन्हित कर कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही के दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा है






