रुड़की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), रुड़की, हरिद्वार में प्राचार्य आकाश सारस्वत के निर्देशन में संचालित सेवारत कला एवं शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के पांचवें दिन विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत “इतनी शक्ति हमें देना दाता” प्रार्थना के साथ हुई। प्रार्थना के मधुर स्वरों ने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों से सराबोर कर दिया। इसके बाद एमटी ज्ञानप्रकाश, राजेंद्र चौधरी, प्रमोद कुमार, अरुण खरे, सतेंद्र कुमार, अजय कुमार शर्मा एवं योगराज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सत्र शुरू हुआ। मास्टर ट्रेनर्स ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए दिनभर की गतिविधियों और प्रशिक्षण के उद्देश्यों की जानकारी दी।
पांचवें दिन के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षाप्रद क्राफ्ट मॉड्यूल तैयार करना रहा। इसके तहत कला अध्यापकों को विभिन्न समूहों में बांटकर ऐसे रचनात्मक क्राफ्ट मॉड्यूल विकसित करने का लक्ष्य दिया गया, जिनके माध्यम से विद्यार्थी खेल-खेल में और स्वयं गतिविधियां करके सीख सकें। इन मॉड्यूल के जरिए विद्यार्थियों में कला कौशल के साथ नैतिक मूल्यों, रचनात्मक सोच और जीवन कौशलों का भी विकास किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास शर्मा, सुखदेव सैनी, सुदीप्ता चौहान, दीपक कुमार, वर्षा जैन, सूरजभान, मीनाक्षी सैनी, नारायण सिंह, डॉ. शकुन सिंह, प्रवेश, लीना, ममता गिरी, अक्षय कुमार, सुरेंद्र कुमार जुयाल, स्मिता जुयाल, नूतन चौधरी, तरुणा धीमान, अर्चना, तबस्सुम, पूजा चंदेला, गीता कठैत, अंजलि चौहान, रीता चौधरी, आंचल एवं अर्चना चौधरी सहित बड़ी संख्या में कला अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।






