रुड़की की भगवानपुर तहसील के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के मुजाहिदपुर बंदरजूड गांव में करीब एक महीना पहले एक विवाहिता ने अपने पति पर तीन तलाक देने और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न सहित मारपीट कर घर से निकलने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 4 अप्रैल 2026 को मुकदमा दर्ज कर लिया था। जिसके बाद पुलिस ने जांच में विवाहिता के पति दानिश को हलाला अपराध का भी दोषी पाया है। जांच के बाद पुलिस के द्वारा अपनी चार्जशीट में हलाला को आराध मानते हुए मुकदमे में शामिल कर लिया गया है।
बता दे की मुजाहिदपुर बंदरजूड गांव निवासी एक युवती की शादी करीब ढाई साल पहले गांव के ही दानिश नाम के एक युवक के साथ हुई थी। विवाहिता का आरोप है के ससुराल के लोग शादी के बाद से ही विवाहिता का लगातार उत्पीड़न कर रहे थे। विवाहिता का आरोप है कि पति दानिश के द्वारा विवाहिता को तीन तलाक दिया गया है। इसके साथ ही विवाहिता ने आरोप लगाया था की पति के द्वारा उसके साथ जबरन हलाला अपराध भी कराया गया है। विवाहिता के द्वारा आरोप लगाया गया था कि पति और ससुराल पक्ष के लोगों के द्वारा उसके साथ मारपीट करते हुए उसे घर से निकाल दिया गया है। जिसके बाद से विवाहिता अपने मायके में रह रही है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। जिसके बाद पुलिस के द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है की विवाहिता के साथ जबरन हलाल अपराध की घटना को भी अंजाम दिया गया है। पुलिस के द्वारा अपनी चार्ज शीट में अब हलाला अपराध को भी शामिल कर लिया गया है।हलाला को अपराध की तरह मुकदमे में शामिल करने की देश में पहली घटनाभारत देश में हलाला को अपराध की तरह मुकदमे में शामिल करने का यह पहला मामला सामने आया है। क्योंकि उत्तराखंड में UCC नियम लागू हो चुका है। यहां पर सभी के लिए कानून के नियम बराबर हो चुके है। इसीलिए यहां पर दूसरी या इससे अधिक शादी करना पूरी तरह से अपराध हो चुका है। उत्तराखंड में यदि कोई दूसरी शादी करता है तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जाती है। इसी के चलते हलाला को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसीलिए इस मामले में हलाला को अपराध की तरह मुकदमे में शामिल कर लिया गया है।
क्या होता है हलाल
मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार अगर पति किसी कारण अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है और फिर से वह उसी पत्नी के साथ रहना चाहता है तो उसकी पत्नी को हलाला की प्रक्रिया से गुजरना होता है। मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार पति के द्वारा तीन तलाक देने के बाद पति पत्नी का साथ रहना नाजायज माना जाता है। हलाला प्रक्रिया के चलते पत्नी को किसी गैर मर्द से कुछ समय के लिए निकाह करना पड़ता है। जिसके चलते हलाला रीति रिवाज के अनुसार महिला को गैर मर्द के साथ शारीरिक संबंध बनाने होते है। जिसके बाद गैर मर्द के द्वारा महिला को तलाक दिया जाता है। जिसके बाद महिला का पति फिर से महिला से शादी करता है और फिर से अपनी पत्नी के साथ रह सकता है। गैर मर्द से हलाला कराने के बाद फिर से पति-पत्नी के साथ रहने को जायज रिश्ता माना जाता है। लेकिन उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद हलाला को दुष्कर्म जैसा अपराध माना जाता है। जिस पर पति और हलाला करने वाले गैर मर्द को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने आज बातचीत में बताया कि मुजाहिदपुर बंदरजूड वाले मुकदमे में UCC के चलते हलाला और तीन तलाक शामिल किया गया है। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ नियम अनुसार कानूनी कार्यवाही करने की तैयारी कर रही है।













