रुड़की की मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बाल विवाह कराने का मामला सामने आया है। यहां पर 14 साल की एक मासूम बच्ची का जबरन बाल विवाह कर दिया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची गर्भवती हो गई और बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिविल अस्पताल में डॉक्टर के द्वारा बच्ची के नाबालिग होने की पहचान की गई। जिसके बाद सिविल अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों पर पोक्सो, बाल विवाह अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बता दे की मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 2025 में 14 साल की एक बच्ची का जबरन बाल विवाह किया गया था। विवाह के बाद बच्ची गर्भवती हो गई। बच्ची के गर्भवती होने के बाद बच्ची को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया गया। डॉक्टर ने बच्ची का आधार कार्ड देखा तो डॉक्टर को शक हो गया। जिसके बाद डॉक्टर के द्वारा पुलिस को नाबालिग बच्ची के गर्भवती होने की जानकारी दी गई। जिसके बाद पुलिस सिविल अस्पताल पहुंच गई। लेकिन पुलिस को देखकर गर्भवती बच्ची का पति और ससुराल पक्ष के लोग सिविल अस्पताल से फरार हो गए। जिसके बाद पुलिस के द्वारा मामले की जांच की गई तो बच्ची की उम्र 14 साल निकल कर आई है। जिसके बाद पुलिस के द्वारा पोक्सो, बाल विवाह अधिनियम और अन्य धाराओं में पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।













